BCCI ने इन 3 खिलाड़ियों को बार-बार ड्रॉप किया, लेकिन अगर विदेशी होते तो लाइफटाइम प्लेयर बन जाते

 


Indian Cricketer: भारतीय सरजमीं पर कई धाकड़ खिलाड़ी पैदा हुए हैं. जिन्होंने खेल जगत में परचम लहराया है. कभी कपिल देव और सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी ने भारत का नाम विदेशों में रोशन किया. तो कभी रोहित शर्मा और विराट कोहली ने. लेकिन क्या आपको मालूम है, यही टैलेंट कई खिलाड़ियों (Indian Cricketer) के लिए अभिशाप बन गया. जिस वजह से उन्हें वो मुकाम हासिल नहीं हुआ, जिस पर उन्हें होना चाहिए था. वहीं, पूर्व भारतीय खिलाड़ी (Indian Cricketer) और मौजूदा एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने उन तीन खिलाड़ियों के नाम बताए, जो अगर विदेशी टीमों के लिए खेल रहे होते तो कभी वनडे टीम से ड्रॉप नहीं किए जाते. चलिए तो आगे जानते हैं कौन हैं यह खिलाड़ी?

कौन हैं वो 3 Indian Cricketer? 

आकाश चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम चैनल पर हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया था. जिसमें उन्होंने कहा था, “3 खिलाड़ी अगर किसी और देश में होते ना तो अपनी कंट्री की वनडे टीम का पर्मानेंट हिस्सा होते” आकाश चोपड़ा की लिस्ट में पहला नाम ऋतुराज गायकवाड़ का है. जिन्होंले हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया था.

ऋतुराज गायकवाड़ (Indian Cricketer) लिस्ट ए क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं जिन्होंने 5000 से अधिक रन बनाए हैं, और इस सूची में उनका बल्लेबाजी औसत सबसे शानदार है. उन्होंने 95 पारियों में 58.83 की बेहतरीन औसत से 5060 रन ठोके हैं, जिसमें 20 शतक और 19 अर्धशतक भी शामिल हैं.

दूसरा खिलाड़ी बने देवदत्त पडिक्कल

दूसरा नाम आकाश चोपड़ा ने देवदत्त पडिक्कल का लिया, जिनका लिस्ट ए में औसत ऋतुराज गायकवाड़ से भी बेहतर है. वहीं, कर्नाटक के लिए खेलते हुए देवदत्त पडिक्कल ने लिस्ट ए क्रिकेट में 82.15 के साथ अभी तक 2711 रन ठोके हैं. इस फॉर्मेट में देवदत्त ने 13 शतक भी अपने नाम दर्ज करवाए है. इसके बावजूद उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं मिला है. आकाश चोपड़ा ने आगे कहा, “ऋतुराज गायकवाड़ तो भारत के लिए फिर भी खेल गए, मगर पडिक्कल का नाम तो कन्वर्सेशन का भी हिस्सा नहीं है.”

रिंकू सिंह ने भी खुद को साबित किया

वहीं, तीसरा नाम आकाश चोपड़ा ने रिंकू सिंह का लिया. भारतीय खिलाड़ी (Indian Cricketer) टी20 फॉर्मेट में बेस्ट फिनिशर के रूप में पहचाना जाता है. लेकिन वनडे टीम में भी रिंकू सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया है. हालांकि गायकवाड़ और पडिक्कल की तरह रिंकू सिंह ने शतक नहीं जमाए, क्योंकि वह निचले क्रम पर मैदान पर उतरते हैं. जब तक पूरी टीम जीत का जिम्मा ले चुकी होती है.

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