क्या कोई गेंदबाज़ तीन अलग-अलग ओवरों में अपनी हैट्रिक पूरी कर सकता है? सुनने में अजीब लग रहा है ना? लेकिन क्रिकेट के इतिहास में ये कारनामा सच में हुआ है… और वो भी टेस्ट क्रिकेट में!
आज की इस आर्टिकल में हम जानेंगे क्रिकेट की सबसे अनोखी और हैरान कर देने वाली हैट्रिक की कहानी।
साल 1988, पर्थ का मैदान, ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज दूसरा टेस्ट। वेस्टइंडीज की टीम विवियन रिचर्ड्स के शानदार शतक की बदौलत मजबूत स्थिति में थी। स्कोर था 440 रन पर 8 विकेट। क्रीज़ पर थे कर्टली एम्ब्रोस और कर्टनी वॉल्श। तभी गेंद थामी ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज़ मर्व ह्यूजेस ने।
पारी का 36वां ओवर, उस ओवर की आखिरी गेंद पर ह्यूजेस ने कर्टली एम्ब्रोस को इयान हीली के हाथों कैच आउट करा दिया। वेस्टइंडीज का नौवां विकेट गिर चुका था। इसके बाद कप्तान एलन बॉर्डर ने ह्यूजेस को आक्रमण से हटा लिया, क्योंकि साझेदारी टूट चुकी थी।
कुछ समय बाद ह्यूजेस को फिर से गेंद सौंपी गई। अपने नए ओवर की पहली ही गेंद पर उन्होंने नंबर 11 बल्लेबाज़ पैट्रिक पैटरसन को आउट कर दिया। मतलब दो गेंदों पर दो विकेट, लेकिन दो अलग-अलग ओवरों में। वेस्टइंडीज की पहली पारी 449 रन पर समाप्त हो गई।
अब आता है असली ट्विस्ट… वेस्टइंडीज की दूसरी पारी शुरू होती है। नई पारी, नई तारीख, नई शुरुआत। लेकिन गेंद वही, गेंदबाज़ वही – मर्व ह्यूजेस। पारी की पहली ही गेंद पर ह्यूजेस ने दिग्गज ओपनर गॉर्डन ग्रीनिज को LBW आउट कर दिया। और यहीं बन गया इतिहास!
ये थी क्रिकेट इतिहास की सबसे अजीब हैट्रिक — तीन विकेट, तीन अलग-अलग ओवरों में, दो अलग पारियों में, और दो अलग दिनों में! इस मैच में मर्व ह्यूजेस ने पहली पारी में 5 विकेट और दूसरी पारी में 8 विकेट लेकर कुल 13 विकेट झटके। हालाँकि ऑस्ट्रेलिया ये मैच हार गया, लेकिन मर्व ह्यूजेस का ये रिकॉर्ड आज भी अमर है।
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