क्या तिलक वर्मा नए विराट कोहली बनते जा रहे हैं? 35 टी-20 के बाद कोहली के स्टैटस से हो रही है तुलना

 


गुरुवार, 11 दिसंबर, को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज़ का दूसरा मुकाबला खेला गया। इस मैच में मेहमान टीम ने पूरी तरह से मेज़बानों पर दबदबा बनाया। एडन मार्करम की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए भारत को 51 रनों से करारी शिकस्त दी। हालांकि, इस हार में भी भारतीय टीम के लिए तिलक वर्मा एक पॉज़ीटिव बनकर सामने आए।

इस मैच में भारतीय बल्लेबाज़ी पूरी तरह बिखरती नज़र आई, लेकिन बाएं हाथ के तिलक वर्मा ने अकेले मोर्चा संभाला। उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में 62 रन की तेज़ पारी खेली, जिसमें दो चौके और पांच छक्के शामिल थे। उनका ये प्रदर्शन बताता है कि वो दबाव में भी टीम के लिए खड़े रह सकते हैं। ये पहली बार नहीं है जब तिलक ने भारत को बड़ी शर्मिंदगी से बचाया हो। इससे पहले, एशिया कप 2025 के फाइनल में भी उन्होंने मुश्किल हालात में नाबाद 69 रन (53 गेंद) बनाकर टीम को मैच जिताया था।

तिलक के लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच ये चर्चा तेज़ हो गई है कि तिलक वर्मा भारतीय क्रिकेट की अगली बड़ी पहचान बन सकते हैं। कई लोग उन्हें भविष्य में विराट कोहली की भूमिका निभाने वाला खिलाड़ी भी मानने लगे हैं। तिलक की बल्लेबाज़ी में कोहली जैसी कई खूबियां दिखाई देती हैं। वो पारी को संभाल सकते हैं, ज़रूरत पड़ने पर आक्रामक खेल दिखाते हैं और स्ट्राइक रोटेशन में भी बेहद सक्षम हैं लेकिन क्या तिलक को अगला विराट कोहली कहना अभी सही है? आइए इसे बेहतर ढंग से समझने के लिए उनके 35 टी-20 इंटरनेशनल तक के स्टैट्स की तुलना विराट कोहली के स्टैट्स से करते हैं।

अब तक तिलक वर्मा ने 35 टी-20I पारियों में 1084 रन बनाए हैं। उनका औसत 47.13 और स्ट्राइक रेट 145.50 है, जो आधुनिक टी-20 क्रिकेट के लिहाज़ से बेहद प्रभावशाली है। उनके नाम 2 शतक और 5 अर्धशतक दर्ज हैं। खास बात ये है कि उन्होंने 15 बार लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाज़ी की है, जिनमें से 12 मैच भारत ने जीते हैं। यानी, जब भारत दूसरी बैटिंग करता है और तिलक क्रीज़ पर टिकते हैं, तो टीम की जीत की संभावना लगभग 80 प्रतिशत रहती है।

तुलना के लिए अगर विराट कोहली के शुरुआती आंकड़ों को देखा जाए, तो 35 टी-20I मैचों के बाद उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए 14 पारियों में 661 रन बनाए थे। उस दौरान उनका औसत शानदार 73.55 था और उन्होंने 7 बार 50 से ज़्यादा स्कोर किए थे। हालांकि, स्ट्राइक रेट के मामले में तिलक (139.62) ने आधुनिक टी-20 मैच के अनुरूप खुद को बेहतर ढंग से ढाला है, जबकि कोहली का स्ट्राइक रेट उस समय 131.67 था।

हालांकि, ये कहना जल्दबाज़ी होगी कि तिलक वर्मा विराट कोहली की विरासत तक पहुंच चुके हैं, लेकिन ये साफ है कि वो भारतीय टीम के लिए भरोसेमंद चेज़र बनने की सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अगर वो इसी निरंतरता और समझदारी के साथ खेलते रहे, तो टीम इंडिया को भविष्य में एक नया “मिस्टर भरोसेमंद” मिल सकता है।

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