ग्रीव्स टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास के पहले क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने एक मैच की चौथी पारी में नंबर 6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक लगाया है। इससे पहले बेन स्टोक्स ने लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 155 रन की पारी खेली थी।
खास लिस्ट में शामिल
ग्रीव्स वेस्टइंडीज के चौथे और दुनिया के सातवें क्रिकेटर बने हैं, जिन्होंने टेस्ट मैच की चौथी पारी में दोहरा शतक लगाया है। उनसे पहले जॉर्ज हेडली, बिल एडरिक, सुनील गावस्कर, गॉर्डन ग्रीनिज, नाथन एस्टल और काइल मेयर्स ने ही यह कारनामा किया था।
ऐसा करने वाले पहले क्रिकेटर
इस मैच की पहली पारी में ग्रीव्स 0 पर आउट हुए थे। वह पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक टेस्ट की पिछली पारी में 0 पर आउट होने के बाद चौथी पारी में दोहरा शतक लगाया है। इससे पहले 1976 में इंग्लैंड के खिलाफ रॉय फ्रेडरिक्स ने 138 रन बनाए थे।
ग्रीव्स की इस बेहतरीन पारी के दम पर वेस्टइंडीज इस मैच में को ड्रॉ करने में सफल रही। 531 रन के असंभव से लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने दूसरी पारी में 163.3 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 457 रन बनाए। यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में किसी भी टीम द्वारा चौथी पारी में बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। वेस्टइंडीज का यह प्रदर्शन तब आया जब पहले 4 विकेट सिर्फ 72 रन के स्कोर पर ही गिर गए थे।
टॉप स्कोरर रहे जस्टिन ग्रीव्स ने पांचवें विकेट के लिए शाई होप के साथ 382 गेंदों में 196 रन और केमार रोच के साथ सातवें विकेट के लिए 409 गेंदों में 180 रन की नाबाद साझेदारी की।
ग्रीव्स ने अपने टेस्ट करियर का पहला दोहरा शतक लगाते हुए 388 गेंदों में नाबाद 202 रन बनाए, जिसमें 19 चौके जड़े। होप ने 234 गेंदों में 140 रन (15 चौके और 2 छक्के) की पारी खेली, वहीं रोच ने 233 गेंदों में नाबाद 58 रन की पारी खेली।
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