भारत का भरोसेमंद नंबर-3: चेतेश्वर पुजारा के तीन ऐसे बड़े कारनामे जो शायद दोहराना होंगे मुश्किल

 


Cheteshwar Pujara Records: चेतेश्वर पुजारा ने रविवार(24 अगस्त) को क्रिकेट से संन्यास लेकर एक शानदार करियर को अलविदा कह दिया। 103 टेस्ट में 7195 रन बनाने वाले पुजारा को भारत के सबसे भरोसेमंद नंबर-3 बल्लेबाजों में गिना जाता है। लेकिन उनके करियर को सिर्फ रन और शतक से नहीं आंका जा सकता। उनके नाम कुछ ऐसे अनोखे रिकॉर्ड दर्ज हैं जो शायद ही कभी टूट पाएं और आने वाली पीढ़ियों तक उनकी पहचान बने रहेंगे।

भारतीय टेस्ट क्रिकेट के धुरंधर चेतेश्वर पुजारा ने बैटिंग के अपने अंदाज़ से हमेशा अलग छाप छोड़ी। 19 शतक और 55 अर्धशतक के साथ उन्होंने 103 टेस्ट में 7195 रन बनाए। लेकिन असली पहचान उन्हें उनकी लंबी, धैर्यपूर्ण और संघर्ष से भरी पारियों ने दिलाई। अब जबकि पुजारा ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, आइए नज़र डालते हैं उनके तीन ऐसे रिकॉर्ड्स पर जो शायद ही कभी टूटें।

1. 500 से ज्यादा गेंद खेलने वाले इकलौते भारतीय
2017 रांची टेस्ट (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) में पुजारा ने 525 गेंदों का सामना कर 202 रन ठोके थे। यह पारी 672 मिनट यानी करीब 11 घंटे 12 मिनट चली थी। भारत के 11 बल्लेबाज टेस्ट में 400+ गेंदों का सामना कर चुके हैं, लेकिन 500 गेंद पार करने का कारनामा सिर्फ पुजारा ने किया है। राहुल द्रविड़ इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 495 गेंदें खेली थीं।

2. टेस्ट के सभी 5 दिन बल्लेबाज़ी करने का अनोखा रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक सिर्फ 13 बल्लेबाजों ने मैच के सभी पांच दिन बैटिंग की है। लेकिन पुजारा का नाम सबसे अलग है क्योंकि वह इकलौते बल्लेबाज हैं जिन्होंने ऐसा करते हुए 75 रन से भी कम बनाए। 2017 कोलकाता टेस्ट (श्रीलंका के खिलाफ) में उन्होंने पहली पारी में 52 और दूसरी में 22 रन बनाए। बारिश के कारण मैच खिंचता रहा और पुजारा हर दिन क्रीज़ पर उतरे। यह रिकॉर्ड टूटना लगभग नामुमकिन लगता है।

3. भारत के लिए सबसे ज्यादा फर्स्ट क्लास डबल सेंचुरी
पुजारा ने अपने करियर में कुल 18 दोहरे शतक जड़े हैं (टेस्ट और घरेलू क्रिकेट मिलाकर)। यह आंकड़ा उन्हें दुनिया में चौथे नंबर पर रखता है, जहां उनसे आगे सिर्फ डॉन ब्रैडमैन, वॉली हैमंड और पैट्सी हेंड्रेन हैं। भारत में यह रिकॉर्ड उनसे दूर-दूर तक कोई नहीं छू पाया है। दूसरे नंबर पर विजय मर्चेंट हैं जिनके नाम सिर्फ 11 डबल सेंचुरी हैं।

चेतेश्वर पुजारा सिर्फ टीम इंडिया के लिए ही नहीं बल्कि घरेलू क्रिकेट में सौराष्ट्र के लिए भी लगातार खेले और वहीं से उन्होंने अपनी पहचान बनाई। आने वाले वक्त में शायद ही कोई ऐसा बल्लेबाज दिखे जो पुजारा जैसा धैर्य और तकनीक के साथ ऐसे अनोखे रिकॉर्ड बनाए।

0/Post a Comment/Comments