'पूरी जिंदगी लगाई और इतने पास आकर...' लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद छलका जडेजा का दर्द, कहा- ड्रेसिंग रूम में निराशा


IND vs ENG: भारत को लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों 22 रनों से हार का सामना करना पड़ा और इसके साथ ही मेजबान टीम ने पांच मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 2-1 की बढ़त बना ली है। इस मैच में हार के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा (Ajay Jadeja) ने टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के माहौल के बारे में बताया।

Ajay Jadeja on India dressing-room mood: लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का तीसरा टेस्ट मैच बेहद रोमांचक अंदाज़ में खत्म हुआ, लेकिन भारत की हार ने टीम और फैंस को निराश कर दिया है। पांचवें दिन के आखिरी दो सेशन में जो हुआ, उसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी।

एक समय भारतीय टीम 112/8 के स्कोर पर संघर्ष कर रही थी और लग रहा था कि मैच जल्द ही खत्म हो जाएगा। भारतीय फैंस की निराशा बढ़ गई थी, लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिस पर यकीन नहीं किया जा सकता। पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने इस हार के बाद टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के माहौल के बारे में बताया।

जडेजा के संघर्ष ने उम्मीदें रखीं जिंदा

लॉर्ड्स टेस्ट के पांचवें दिन भारत की हालत बेहद खराब थी। 112 रन पर आठ विकेट गिर चुके थे और लग रहा था कि इंग्लैंड जल्द ही मैच जीत जाएगा। लेकिन इसके बाद रवींद्र जडेजा ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ संघर्ष की मिसाल कायम की। जडेजा ने नीतीश रेड्डी, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ छोटी-छोटी साझेदारियां कीं और 61 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी पारी ने भारत को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया, लेकिन टीम 170 रन पर ऑलआउट हो गई और जीत सिर्फ 23 रन दूर रह गई।

अजय जडेजा ने बताया कैसा होता है भारत के ड्रेसिंग रूम का माहौल

भारतीय टीम की हार के बाद पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर बात करते हुए कहा कि यह हार खिलाड़ियों के लिए भावनात्मक रूप से बहुत भारी रही होगी। उन्होंने टीम का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ये खिलाड़ी इससे वापसी ज़रूर करेंगे।

अजय जडेजा ने कहा, "जब आप ड्रेसिंग रूम में होते हैं और मैच इतना करीब से हारते हैं, तब ऐसे बारे में सोचना बहुत मुश्किल होता है। इस वक्त सबके मन में बस निराशा होती है, और सबसे ज्यादा दुख उसी खिलाड़ी को होता है जिसने सब कुछ झोंक दिया हो।”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी हारें इसलिए ज़्यादा दर्दनाक होती हैं क्योंकि खिलाड़ी सालों मेहनत करके, रणनीति बनाकर इस एक टूर की तैयारी करते हैं। अजय जडेजा ने "यह बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इस पल के लिए मेहनत की, सारी प्लानिंग की, और जब आप जीत के इतने करीब पहुंचकर हार जाते हैं, तो उसे स्वीकार करना आसान नहीं होता। चाहे कोई कितना भी समझाए, उस दर्द को समझ पाना नामुमकिन है।”


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