लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम की हार के बाद शुभमन गिल की कप्तानी और कई फैसले सवालों के घेरे में आ गए हैं। तीन मैचों में दो बार, भारत अच्छी स्थिति में होने के बावजूद मैच हार गया। दूसरी ओर, इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इस मैच में बल्ले से 44 और 33 रन बनाए। गेंदबाजी में भी वो पीछे नहीं रहे और उन्होंने पहली पारी में 20 ओवर में 63 रन देकर 2 विकेट और दूसरी पारी में 48 रन देकर 3 विकेट लिए। इसी प्रयास के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
स्टोक्स ने आखिरी दिन लगभग 10 ओवर लगातार गेंदबाजी की जिसने हर क्रिकेट फैन को उनका दीवाना बना दिया। वहीं, स्टोक्स को देखकर भारतीय फैंस ने टीम इंडिया से भी सवाल पूछे कि जब जरूरत पड़ने पर स्टोक्स अपनी टीम के लिए लगातार गेंदबाजी कर सकते हैं तो जसप्रीत बुमराह को बार-बार वर्कलोड मैनेजमेंट का बहाना देकर क्यों बचाया जा रहा है।
इरफान पठान ने भी भारतीय खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर सवाल उठाए। भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अपने वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत पांच मैचों की सीरीज में केवल तीन टेस्ट मैच ही खेलेंगे जिससे इऱफान काफी नाराज दिखे और उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर बोलते हुए कहा, "बेन स्टोक्स ने पांचवें दिन सुबह 9.2 ओवरों का मैराथन स्पेल फेंका। वो एक 4D खिलाड़ी हैं। वो गेंदबाजी करते हैं, बल्लेबाजी करते हैं और ऋषभ पंत को एक महत्वपूर्ण रन आउट भी करते हैं, लेकिन वर्कलोड मैनेजमेंट की कोई बात नहीं होती। लेकिन भारत में हम वर्कलोड मैनेजमेंट की बात करते हैं।"
आगे बोलते हुए पठान ने कहा, "जसप्रीत बुमराह पांच ओवर फेंकते हैं और जब आपको खेल पर नियंत्रण (दूसरी पारी में) की ज़रूरत होती है, तो वो जो रूट के बल्लेबाजी के लिए आने का इंतज़ार करते हैं। जब आप नहीं खेल रहे होते हैं, तब भी आपका वर्कलोड मैनेजमेंट होता है। मैच के दौरान, आप वर्कलोड मैनेजमेंट नहीं करते। वहां हम सुधार कर सकते थे। मैच के दौरान आपको हर कीमत पर जीतना होता है। मैंने कमेंट्री के दौरान भी यही बात कही थी। आर्चर चार साल बाद टेस्ट मैच खेल रहे थे, लेकिन उन्होंने रुकने का विकल्प नहीं चुना। उन्होंने सुबह छह ओवरों का स्पेल फेंका और फिर से गेंदबाजी करने के लिए वापस आ गए। बेन स्टोक्स ने वर्कलोड के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा। वो लगातार स्पेल फेंकते रहे।"
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