राजस्थान रॉयल्स ने ढूंढा था शेन वॉर्न से भी खतरनाक गेंदबाज, मगर अब जी रहा है गुमनामी भरा जीवन

 


Rajasthan Royals : इंडियन प्रीमियर लीग के 17 वर्षों के इतिहास में कई खिलाड़ियों ने अपनी चमक से क्रिकेट जगत को चका चौंध किया। मगर इनमें से केवल मुट्ठी भर खिलाड़ी ही अपने करियर को लम्बा खिंच सके, जबकि अन्य इतिहास के पन्नों में गुम हो गए। आज हम आपको ऐसे ही एक खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने वर्ष 2009 में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals ) के लिए शानदार प्रदर्शन दिखाया, लेकिन जल्द ही उनकी चमक फीकी पड़ गए और उन्हें भुला दिया गया।

Rajasthan Royals ने ढूंढा था खूंखार गेंदबाज

राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के कोचिंग डायरेक्टर डैरेन बैरी ने मुंबई के लोकल टी20 टूर्नामेंट में एक युवा तेज गेंदबाज को अपनी शानदार गेंदबाजी से बल्लेबाजों को छकाते देखा। यह गेंदबाज कोई और नहीं कामरान खान (Kamran Khan) थे। बैरी उनसे काफी प्रभावित हुए और आईपीएल 2009 में राजस्थान रॉयल्स में शामिल कर लिया।

19 साल के कामरान के पास फर्स्ट क्लास क्रिकेट का कोई अनुभव नहीं था और उनके पिता जंगलों में लकड़ियां काटने का काम करते थे। इतना ही नहीं वे सिर्फ टेनिस गेंद से क्रिकेट खेला करते थे। मगर इसके बावजूद राजस्थान ने उन पर भरोसा जताया और कामरान इस भरोसे पर कायम उतरे।

आईपीएल 2009 में मचाया था धमाल

कामरान खान ने आईपीएल 2009 के खेले 5 मैचों में 6 विकेट हासिल किए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी तेज गति से बड़े – बड़े बल्लेबाजों को परेशान किया। उन्होंने आईपीएल इतिहास का सबसे पहला सुपर ओवर फेंका और अपनी टीम को जीत दिलाई। राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के कप्तान शेन वॉर्न भी कामरान की तेजी से काफी इम्प्रेस थे। उन्होंने मीडिया में दावा किया कि वो कामरान अपनी तेज गेंदबाजी से तहलका मचा देंगे और निकट भविष्य में टीम इंडिया के बड़े स्टार बनेंगे। मगर शायद उनकी किस्मत को कुछ और मंजूर था।

क्रिकेट से गायब हुए कामरान खान

आईपीएल 2010 सीजन में कामरान खान पर चकिंग के आरोप लगे और उन्हें कुछ मैचों से बाहर बैठना पड़ा। हालांकि, यह आरोप गलत साबित हुए और 2011 में पुणे वॉरियर्स इंडिया ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। मगर वहां भी इस तेज गेंदबाज को अधिक मौके नहीं मिल सके। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में कुल नौ मैच खेले और नौ विकेट लिए। कामरान का आईपीएल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 रन देकर तीन विकेट है।

आईपीएल 2011 के बाद उन्हें दोबारा कभी इस रंगा टूर्नामेंट में जगह नहीं मिली। कामरान ने डोमेस्टिक क्रिकेट में भी अपने हाथ आजमाए, लेकिन यहां भी उनका करियर ज्यादा लम्बा नहीं चल सका। आज कामरान खान कहां हैं, इसका सटीक उत्तर तो किसी को नहीं पता, लेकिन बताया जाता है कि वे अपने परिवार का पेट भरने के लिए खेती करते हैं।

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