दूसरों को सतर्क कराने वाले उमेश यादव खुद हुए 44 लाख की ठगी का शिकार, फ्रॉड करने वाला निकला करीबी


भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव कथित तौर पर धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। उनके दोस्त शैलेश ठाकरे ने प्लाट खरीदने के नाम पर 44 लाख रुपये की ठगी की है। ठाकरे 2014 से उमेश यादव के मैनेजर थे। मामले में पुलिस ने शिकायत पर ठाकरे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया, जब पुलिस ने आधिकरिक बयान दिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नागपुर निवासी उमेश यादव की शिकायत पर शैलेश ठाकरे नाम के शख्स के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। ठाकरे कोराडी का निवासी है और उमेश यादव का दोस्त है।

लगभग 9 साल पहले जब उमेश यादव 2014 में भारतीय टीम में शामिल किए गए थे, तो उन्होंने लंबे समय से दोस्त रहे ठाकरे को जॉब ऑफर किया और अपना मैनेजर नियुक्त किया, जब वह बेरोजगार थे।

उमेश यादव ने ठाकरे के खाते में जमा कराए 44 लाख

पुलिस अधिकारी ने कहा ठाकरे ने समय के साथ उमेश यादव का विश्वास हासिल किया। धीरे-धीरे उन्होंने उमेश यादव के सभी वित्तीय मामलों को संभालना शुरू कर दिया। वह उमेश यादव के बैंक खाते, आयकर और अन्य वित्तीय कार्यों को देखता था।

अधिकारी ने आगे ये भी बताया कि वह नागपुर में जमीन खरीदना चाहते थे और इसको लेकर ठाकरे से बात की। ठाकरे ने एक बंजर क्षेत्र में प्लॉट देखा और यादव से कहा कि इसे 44 लाख रुपये में दिलवा देगा। खिलाड़ी ने ठाकरे के खाते में 44 रुपये जमा करा दिए। हालांकि, ठाकरे ने प्लॉट अपने नाम से खरीद लिया।

मामला पता चलने के बाद उमेश यादव ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। पुलिस अधिकारी ने बताया यादव ने कोराडी में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद भारतीय दंड संहित की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात की सजा) और 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया।

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