भारत को मिल गया अपना नया कप्तान, ये खिलाड़ी रोहित शर्मा के बाद बन सकता है भारतीय टीम का कप्तान, धोनी की तरह है कूल


भारतीय क्रिकेट टीम के नियमित कप्तान रोहित शर्मा जिन्हें इसी वर्ष के शुरुआत में क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट की कप्तानी मिल गई है। उनकी कप्तानी के अच्छे प्रदर्शन के बाद भी अगला कप्तान कौन होगा? ऐसी चर्चा है, जिसका कारण है कि रोहित शर्मा 33 साल के हैं। इसलिए अगले दो साल में भी भारतीय टीम में कप्तानी पद पर एक नया खिलाड़ी मौजूद होगा, इसी कल्पना की जा रही है। जिसके बाद आज हम आपको उन खिलाड़ियों के विषय में बता रहे हैं जोकि आगे चलकर टीम को संभाल सकते हैं, जिनके अंदर कप्तानी की क्षमता नजर आती है।

के एल राहुल

कप्तानी के लिए रोहित शर्मा के बाद का पहला विकल्प अभी केएल राहुल ही हैं। केएल राहुल एक अच्छे बल्लेबाज और कप्तान भी हैं। साथ ही विकेटकीपर खिलाड़ी भी हैं। अगर वो अपने ये तीनों रोल निभाते हैं तब टीम को बहुत फायदा हो सकता है। वहीं आईपीएल 2022 में भी हमने उन्हें कप्तानी के सही फैसले करते देखा है।

केएल राहुल एक आक्रामक बल्लेबाज हैं। लेकिन खिलाड़ी कप्तानी के दौरान शांत मन से दबाव में कप्तानी करते दिखे हैं। जोकि केएल राहुल को कप्तानी की लिस्ट में सबसे ऊपर रखते हैं। वो अपनी टीम लखनऊ सुपर जायंट्स को टॉप चार तक ले गए थे।

श्रेयस अय्यर

कप्तानी की बात करे तब दबाव में भी टीम को स्थिर बनाए रखना कप्तानी के लिए सबसे जरूरी होता हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पिछले कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा और सौरव गांगुली के अंदर दबाव में भी टीम को लीड करने की क्षमता नजर आती थी।

वहीं आईपीएल में केकेआर के जीत से हार और फिर जीत के सफर में श्रेयस अय्यर की काफी परीक्षा हुई। 341 रन के साथ वो अपनी टीम केकेआर के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी है। टीम में एक सही प्लेइंग इलेवन में दिक्कत हो छोड़कर खिलाड़ी ने मैदान पर गेंदबाजी के रोटेशन कर ड्रेसिंग में फैसले से सभी को प्रभावित किया है।

ऋषभ पंत

युवा कप्तान ऋषभ पंत को भी कप्तान के लिए एक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। ऋषभ पंत विकेट के पीछे से खिलाड़ियों को काफी मदद करते हैं। तो वही आईपीएल में दिल्ली की जीत के बाद उनकी कप्तानी को देखा गया हैं। वहीं दिल्ली टीम के साथ हुए नो बॉल वाले विवाद में ऋषभ पंत का सकारात्मक और नकारात्मक दोनो पक्ष देखने को मिले है।

सकारात्मक पक्ष के तौर पर वो टीम के कप्तान के तौर कर रिस्क ले सकते है। ये नजर आया वहीं दबाव में खिलाड़ी को अनुभव की जरूरत है। ये नकरात्मक पक्ष है। ऐसा क्रिकेट पंडितो का मानना है।

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